कुमार ने की, जबकि संचालन सब यूनिट सचिव जय कुमार ने किया।
सचिव दलीप सोनी और राज्य कमेटी सदस्य एवं सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक सैनी
ने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 11,
12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल की थी। उस दौरान निजी कंपनियों को
समानांतर लाइसेंस देने, स्मार्ट मीटर लगाने और एग्री डिस्कॉम बनाने के फैसलों का विरोध
किया गया था। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दबाव में बिजली मंत्री हरियाणा की अध्यक्षता
में हुई बातचीत के दौरान सहमति बनी थी कि इन फैसलों को लागू नहीं किया जाएगा। इसके
बावजूद दो दिन पहले एचईआरसी ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी
को 25 साल का समानांतर लाइसेंस देने का निर्णय ले लिया। कर्मचारी नेताओं ने इसे पूर्व
में बनी सहमति के विपरीत बताते हुए फैसले को रद्द करने की मांग की।
केंद्रीय बिजली मंत्री और एचईआरसी चेयरमैन के पुतले जलाकर विरोध जताया गया। उन्होंने
घोषणा की कि फैसले के विरोध में 22, 23 और 24 अक्टूबर को बिजली कर्मचारी और अधिकारी
प्रदेशव्यापी हड़ताल करेंगे। उन्होंने सरकार से निजी कंपनी को दिया गया समानांतर लाइसेंस
