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पूर्व जिला जज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कानून की नजर में सब बराबर

दिल्ली

नई दिल्ली, 01 अक्टूबर । उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कानून की नजर में सब बराबर हैं। उच्चतम न्यायालय ने ये टिप्पणी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित पूर्व जिला जज की सेवा से कथित अवैध बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कराने का निर्देश देने से इनकार करते हुए की।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि चाहे वह चपरासी हो या राज्य का प्रमुख सचिव, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हर व्यक्ति को न्याय तक समान पहुंच का अधिकार है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व जज राकेश कुमार नैन ने अपनी सेवा से बर्खास्तगी को चुनौती दी है, जिसकी रिट याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित है। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें उच्च न्यायालय के समक्ष ही जल्द सुनवाई के लिए अर्जी देने की छूट दी है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें न्यायिक कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपो में दोषी पाया था। राकेश कुमार नैन एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले स्पेशल जज थे।

अपनी सेवा बर्खास्तगी के खिलाफ राकेश कुमार नैन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जो फिलहाल लंबित है। इस मामले के उच्च न्यायालय में लंबा खिंचने से परेशान होकर राकेश कुमार नैन ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।