चंडीगढ़, 03 नवंबर । हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र 26 नवंबर को बुलाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई। संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला यह विशेष सत्र भारतीय लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा। संविधान दिवस को समर्पित इस विशेष सत्र को अगले दो से तीन दिनों तक बढ़ाकर शीतकालीन सत्र में भी बदला जा सकता है।
संविधान दिवस पखवाड़े के तहत पंचकूला में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से 26 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने स्पीकर के इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखा, जिस पर सहमति बन गई। अब विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण जल्द ही बैठक बुलाकर विशेष सत्र के स्वरूप और कार्यवाही की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे।
माना जा रहा है कि 26 नवंबर से शुरू होने वाले इस सत्र की अवधि दो से तीन दिन तक बढ़ाई जा सकती है। ऐसा होने पर इसे शीतकालीन सत्र का रूप दिया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय विधानसभा की कार्ययोजना और संबंधित स्तर पर होने वाली चर्चा के बाद लिया जाएगा। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। इसके बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में लागू हुआ और भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। वर्ष 2015 से 26 नवंबर को देशभर में संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
