प्रयागराज, 24 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट में मजदूरों की सजा निलंबित करते हुए मूल पत्रावली तलब की है। अंतरिम जमानत की पुष्टि की है। यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने अफरोज आलम व सात अन्य की अपील में दाखिल अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है।
पीलीभीत के हजारा थाने की पुलिस ने 8 मजदूरों के ऊपर गैंगस्टर लगाया गया। सेशन जज पीलीभीत ने उनको दोषी करार देते हुए 3 – 3 साल की सजा सुनाई। इस फैसले के खिलाफ आठों मजदूरों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल किया। मजदूरों के अधिवक्ता ने बहस किया कि मजदूर केवल अपनी मांगों को लेकर कभी-कभी धरना प्रदर्शन करते थे। हत्या के एक मामले में पुलिस के खिलाफ सड़क जाम किया था, जिसमें तीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज हुआ था। इससे खफा थाने की पुलिस ने मजदूरों पर गैंगस्टर लगा दिया और जेल भेज दिया। हाईकोर्ट ने बहस को तर्कसंगत माना, सजा को स्थगित कर दिया और अपील सुनवाई हेतु स्वीकार कर लिया। मजदूरों को मिली जमानत जारी रखा है।
