हरिद्वार, 20 अक्टूबर । गंगनहर की वार्षिक बंदी मंगलवार रात 20 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी। इस दौरान नहर की सफाई, सिल्ट निकालने और मरम्मत समेत विभिन्न अनुरक्षण कार्य किए जाएंगे। गंगनहर में पानी का प्रवाह बंद होने से हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत गंगनहर किनारे बनाए जा रहे घाटों के निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
यूपी सिंचाई विभाग की ओर से हर साल दशहरे से दीपावली तक गंगनहर की वार्षिक बंदी की जाती है। इस दौरान हरिद्वार से लेकर कानपुर तक नहर से जुड़े विभिन्न हिस्सों में आवश्यक रखरखाव के कार्य किए जाएंगे।
कुंभ के लिए करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे घाट प्रस्तावित हैं। नहर में पानी का बहाव रुकने से उन निर्माण कार्यों को गति मिल सकेगी, जिनमें पानी के कारण बाधा आ रही थी। वार्षिक बंदी को कुंभ की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों की पेयजल और सिंचाई जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है। नहर बंद होने से गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत आसपास के इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां करने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले से सूचित किया जाता है।
गंगनहर की बंदी के दौरान हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर भी गंगाजल की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
पानी का प्रवाह कम होने से स्नान के लिए पर्याप्त जल बनाए रखना चुनौती बन जाता है। इस बार अधिकारियों की ओर से हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए गंगाजल की उपलब्धता बनाए रखने की तैयारी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
यूपी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी के अनुसार, गंगनहर बंदी से संबंधित तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बंदी के दौरान सफाई, सिल्ट निकालने और मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे। कार्य पूरा होने के बाद दीपावली के आसपास नहर में दोबारा पानी छोड़े जाने की योजना है।
