नई दिल्ली, 25 सितंबर । उच्चतम न्यायालय ने यूपी में संभल के शाही जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार काे सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की। इससे पहले कोर्ट ने 22 अगस्त को इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने संभल की दीवानी अदालत की ओर से मस्जिद के सर्वेक्षण के आदेश को सही ठहराया था। उच्च न्यायालय ने 19 मई को अपने आदेश में कहा था कि संभल के शाही जामा मस्जिद का मामला प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के दायरे में नहीं आता है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील हुफैजा अहमदी ने कहा था कि उच्च न्यायालय का ये निष्कर्ष गलत है कि संभल के शाही जामा मस्जिद का मामला प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के दायरे में नहीं आता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अहमदी से पूछा था कि क्या इस मामले को प्लेसज ऑफ वर्शिप एक्ट से जुड़े मामलों के साथ टैग कर दिया जाए।
सुनवाई के दौरान हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि ये मामला प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के दायरे में नहीं आता। उन्होंने कहा कि ये परिसर एएसआई के अधीन आता है, ऐसे में ये प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के तहत नहीं आएगा। मामले में उच्चतम न्यायालय की ओर से जुलाई महीने में मध्यस्थता की कोशिश की गई थी, लेकिन दोनों पक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुए।
