मंत्रालय ने कहा, ” इस स्थिति के लिए अफगान तालिबान शासन जिम्मेदार है।” मंत्रालय ने काबुल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अफगान तालिबान अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकता। मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान की सुरक्षा को अफगान तालिबान की निष्क्रियता, टालमटोल या गलत प्राथमिकताओं का बंधक नहीं बनने दिया जाएगा।” यह ताजा बयान इस्लामाबाद और काबुल के बीच चल रहे तनाव के बीच आया है।
‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज’ के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में पाकिस्तान में 225 आतंकी हमले हुए। पिछले 12 साल में किसी एक महीने में हुए हमलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। राजनयिक बातचीत और मध्यस्थता की कोशिश के बावजूद यह मुद्दा अभी भी विवाद की बड़ी वजह बना हुआ है। सितंबर में, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि काबुल, इस्लामाबाद के साथ बातचीत और सहयोग जारी रखना चाहता है। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने के लिए चरमपंथी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई जरूरी है।
